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Sanskar Srijan Summer Camp inaugurated

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*ब्रह्माकुमारीज के क्षेत्रीय मुख्यालय राजयोग भवन में संस्कार सृजन समर कैंप का शुभारंभ हुआ।* 
 *प्रश्नों की बौछार लगाओ, उमंग उत्साह के पंख लगाकर आगे बढ़ते जाओ- रक्षा दुबे, संयुक्त आयुक्त, जी.एस .टी. विजिलेंस डिपार्टमेंट* 
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय मुख्यालय राजयोग भवन अरेरा कॉलोनी भोपाल में आज 10 दिवसीय संस्कार सृजन समर कैंप का उद्घाटन हुआ। समर कैंप की उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जीएसटी विजिलेंस डिपार्टमेंट की संयुक्त आयुक्त बहन रक्षा दुबे, गायत्री शक्तिपीठ के प्रमुख प्रचारक राजेश पटेल जी, व्यवस्थापक रामचंद्र गायकवाड जी तथा राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश दीदी, क्षेत्रीय निदेशिका मध्य प्रदेश उपस्थित थी।
मुख्य अतिथि के रूप में अपना उद्बोधन देते हुए श्रीमती रक्षा दुबे संयुक्त आयुक्त जीएसटी डिपार्टमेंट भोपाल ने कहा कि बच्चों को अपने बड़ों से, अपने शिक्षकों से, एवं अपने मित्रों से अपनी हर जिज्ञासा का उत्तर ढूंढने के लिए खूब प्रश्न करने चाहिए और जब उन प्रश्नों का उत्तर उन्हें मिले तो उससे संतुष्ट होकर के अपने जीवन में सदा उमंग- उत्साह का संचार करना चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए , उड़ते रहना चाहिए। बच्चों को इस कैंप के माध्यम से अपने संस्कारों का निर्माण करने की सुंदर प्रेरणा मिलेगी ऐसी मेरी शुभकामनाएं है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय हम सब की उन्नति में बाधक कहीं ना कहीं यह मोबाइल बनता जा रहा है सोशल मीडिया बनता जा रहा है। अतः इन साधनों का सदुपयोग करें कम से कम उपयोग करें ताकि हम स्वस्थ रहें हमारा मन स्वस्थ रहे और हम अच्छा जीवन व्यतीत कर सके। दुनिया में फूल तो अनेक प्रकार के हैं लेकिन हमें गुलाब के फूल जैसा बनना है और उसके जैसी खुशबू चारों ओर फैलानी है।
गायत्री शक्तिपीठ के प्रमुख प्रचारक भ्राता राजेश पटेल जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि  बच्चे जो है एक मिट्टी की लौंदे की तरह है जैसे एक कुम्हार मिट्टी का बर्तन बनाता है तो अंदर और बाहर दोनों तरफ से थपथपाता है । ऐसे ही मेरी यह शुभकामना है कि इस समर कैंप के माध्यम से बच्चों के बाहरी व्यक्तित्व के साथ-साथ आंतरिक व्यक्तित्व का भी विकास होगा। अतः आप सभी बच्चे इस समर कैंप में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले तो आप सभी अपना जीवन सुखी में बना सकेंगे।
व्यवस्थापक रामचंद्र गायकवाड जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वन प्लस वन टू तो हम पढ़ते आए, परंतु हम एक और एक 11 भी बन सकते हैं अगर हम एक दूसरे के अच्छे सहयोगी बने। हम एक दूसरे के अच्छे सहयोगी बन करके इस देश का निर्माण कर सकते हैं।
आशीर्वचन देते हुए राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश दीदी, क्षेत्रीय निर्देशिका, ब्रह्माकुमारीज मध्य प्रदेश ने कहा कि बच्चों के जीवन में निरंतरता की आवश्यकता है, अनुशासन की आवश्यकता है एवं   नैतिक मूल्यों की आवश्यकता है। अगर बच्चे अपने शांत स्वरूप में स्थित होकर मन को एकाग्र करके अपने जीवन में इन नैतिक मूल्यों को अपनाएं तो वह अपना जीवन तो सुखी बनाएंगे ही परंतु अपने परिवार का, समाज का और देश का भी नव निर्माण करेंगे।
ब्रह्माकुमार दीपेंद्र ने कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए बताया कि इस समर कैंप का आयोजन बच्चों में आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों का सृजन करने हेतु किया गया है। इस समर कैंप में विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं भी आयोजित की जाएगी जिसके माध्यम से बच्चों के प्रतिभा का विकास होगा। उनकी प्रतिभा में निखार आएगा और उनकी प्रतिभा को सम्मानित भी किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में अपनी स्थिति को श्रेष्ठ बनाए रखने हेतु राजयोग का अभ्यास भी बच्चों को सिखाया जाएगा। ताकि वह भविष्य में आने वाली विपरीत परिस्थितियों का सामना कर सके।
ब्रह्माकुमारी सरिता बहन ने मंच का कुशल संचालन किया एवं ब्रह्माकुमारी खुशबू बहन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया एवं बच्चों को कुछ टिप्स बताएं ताकि वह समर कैंप का पूरा सदुपयोग कर सके। कुमारी दिव्या ने सभी के स्वागत में स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में 100 से भी अधिक बच्चे आए और सभी ने मिलजुलकर यह प्रतिज्ञा की कि हम पूरे 9 दिनों तक इस समर कैंप का लाभ लेंगे और एक देश का अच्छा नागरिक बनेंगे।
ब्रह्माकुमारी संगीता बहन एवं ममता बहन ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया ब्रह्माकुमारी मोनिका बहन और ब्रह्मा कुमार आशीष भाई ने कार्यक्रम के प्रारंभ में बच्चों को शारीरिक व्यायाम एवं योग कराया ब्रह्मा कुमार धर्मेंद्र भाई एवं सुधीर भाई ने बच्चों के लिए नाश्ते का प्रबंध किया ब्रह्मा कुमार सुरेश भाई ने बच्चों को पर को मैनुअल के विकास हेतु सुंदर क्लास कराई ब्रह्मा कुमार सनातन भाई ने लाइट एवं साउंड की व्यवस्था को संभाल एवं ब्रह्मा कुमार राजू भाई एवं जगदीश भाई ने बच्चों के खाने-पीने की व्यवस्था संभाली तथा सभी अन्य ब्रह्मा कुमार भाई बहनों ने संपूर्ण व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया .