ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा चैतन्य देवियों की झांकी

शिव की शक्तियों की आरधना का पर्व नवरात्रि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी धूम धाम से पूरे भोपाल में मनाया जा रहा हैए भोपाल की प्रमुख मार्केट्स और मुख्य चौराहों पर विशाल आकार के पंडालों से सजा हुआ पूरा शहर इस उत्सव में मगन हैए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन भी किये जा रहे हैंए इन्ही भव्य पंडालों के बीच और शहर के मुख्य मंदिरों के अलावा भोपाल शहर एक झांकी ऐसी भी है जिसकी चर्चा हर देवी भक्त और हर व्यक्ति की जुबान पर हैण् इस झांकी को देखने वाले श्रद्धालु जन एकटकी लगाये इस झांकी को देखते ही रह जाते हैं.यह झांकी हैए प्रजा पिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालयए शाखा रिवेरा टाउनशिप द्वारा आयोजित श् चैतन्य देवियों की झांकी.

प्लैटिनम प्लाजा ए माता मंदिर पर सजी यह झांकी अन्य झांकियों से अलग इसीलिए भी है कि इस स्थान पर किसी मूर्तिकार द्वारा निर्माण की हुई देवी माता की जड़ मूर्ति नहीं हैए बल्कि यहाँ पर ब्रह्माकुमारीज़ में प्रतिदिन आने वाली कन्यायें जो नियमित रूप से ज्ञान और योग ; ईश्वर की याद का अभ्यास करती हैंए वह कन्यायें माँ शक्ति के विभिन्न स्वरूपों को धारण कर विराजमान हैंए देखने में लगता है कि यह जड़ मूर्तियां ही तो हैं, परन्तु दर्शन करने वाले भक्तों को जब यह बताया जाता है कि यह साक्षात कन्यायें हैंए जो परमपिता परमात्मा शिव का ध्यान कर रही हैंए तपस्या में बैठी हैंए तब विस्मित हो सभी श्रद्धालु अपलक देवी माँ के इन स्वरूपों को निहारते ही रह जाते हैं.

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान जी ने शिरकत किए. इस अवसर पर मुख्यमंत्रीजी ने संस्था को बधाई देते हुए कहा कि यह चेतन्य देवियों कि झांकी समाज में नारी के उत्थान व शशक्तिकरण के लिए एक सराहनी कार्य कर रही हैं. ब्रह्माकुमारीज रिवेरा टाउनशिप सेवा केंद्र की इंचार्ज राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी तृष्णा बहन ने बताया कि हर धार्मिक पर्व एक ईश्वरीय सन्देश लेकर आता हैए हर उत्सव हम सभी मनुष्य आत्माओं को ईश्वर के और अधिक निकट जाने का अवसर देता है.नवरात्रि की यह झांकियां भी इसीलिए सजाई जाती हैंए कि हर नर.नारी स्वयं के अंदर झांक कर देख सकेए कि क्या मैं देवी माँ का बेटा या बेटी कहलाने योग्य कर्म कर रहा हूँ. यदि नहीं तो मुझे अपने जीवन को आध्यात्मिक मूल्यों के आधार से ऐसा बना होगा कि श्रेष्ठ कर्मों से श्रेष्ठ जीवन का निर्माण हो.

​शाजापुर ​मध्य प्रदेश-​निलकँठेस्वर महादेव जी की शाही सवारी तथा ​आरती पूजन मे ब्रह्मा कुमारी बहनों का सम्मानित

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर ब्रह्माकुमारीज लश्कर सेवा केन्द्र ग्वालियर द्वारा आयोजित कार्यक्रम “आज के युग में श्रमिको का महत्व” में श्रमिक भाईयो का सम्मान करते हुए बी.के. भानु (माउंट आबू), बी.के. आदर्श बहन।

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RNJ, APPOLO Spectra सुपर स्पेसिलिटी हॉस्पिटल में ब्रह्माकुमारीज लश्कर सेवा केन्द्र ग्वालियर द्वारा “व्यस्त जीवन में राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास” विषय को लेकर् आयोजित राजयोग शिविर मे डॉक्टर्स एवम समस्त स्टाफ को सम्बोधित करते हुए बी.के. ज्योत, बी.के. आदर्श बहन, बी.के. प्रह्लाद भाई, बी.के. डॉ.गुरुचरण भाई।

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सागर में शिव रात्रि और प्रशासक विंग प्रोग्राम का आयोजन

राजयोग भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सम्मेलन (Women’s Day Program in Bhopal)

अध्यात्म द्वारा महिलाओं के प्रति मानसिकता का परिवर्तन संभव
वर्तमान समय में महिलाओं के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्तर में वांछित सुधार को प्रायः महिला सशक्तिकरण के रूप में देखा जाता रहा है। जब से नारी को अवसर मिला है, उसने सभी क्षेत्रों में अपनी अंतर्निहित क्षमताओं का लोहा मनवा लिया है। नर और नारी की सृष्टि संचालन में अपनी-अपनी अंतर्निर्भर महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए किसी को भी कम आँकना अपने पैरों में कुल्हाड़ी मारने की तरह मूर्खतापूर्ण है। वास्तव में नर-नारी को एक-दूसरे का पूरक समझ एक-दूसरे का यथोचित सम्मान करना चाहिए। सम्मान की यह संस्कृति ही मानव जाति को सम्मानित करेगी अर्थात् उसे उत्कृष्टता से भर सकेगी। पीढ़ी-दर-पीढ़ी न जाने कितनी पीढ़ियों से नारी को दोयम दर्जा का समझने की मानसिकता को पुरूष प्रधान समाज द्वारा निहित स्वार्थों के चलते पोषा गया है। स्थिति यह हो गई कि समाज में यह मानसिकता आम हो गई और कालान्तर में गहरी बैठ गई है। इस मानसिकता में परिवर्तन लाना और नारी के गरिमामय मूल्य को स्वीकार कर पाना नर और नारी दोनों के लिए ही श्रमसाध्य विषय है। आवश्यकता मात्र मानसिकता में परिवर्तन की है। अध्यात्म वांछित मानसिक परिवर्तन लाने में हमारी कारगर मदद करता है। उक्त विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के क्षेत्रीय मुख्यालय, राजयोग भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका विषय पर आयोजित महिला सम्मेलन में ब्रह्माकुमारीज की क्षेत्रीय निदेशिका, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अवधेश बहन जी ने व्यक्त किये।
 
कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती मंजू गुप्ता, अग्रवाल महासभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ब्रह्माकुमारी अवधेश, क्षेत्रीय निदेशिका, ब्रह्माकुमारीज, डॉ. शशी तिवारी, प्राचार्य, कोपल महाविद्यालय, डॉ. वरलक्ष्मी, प्रोफेसर आनंद विहार महाविद्यालय, डॉ. अनुपमा महेश्वरी, प्रोग्राम कोर्डिनेटर, इग्नु एवं अन्य अतिथियों ने किया। कार्यक्रम में नगर की विशिष्ट महिला नेत्री उपस्थित थी। कार्यक्रम का कुशल संचालन गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर ब्रह्माकुमारी रानी ने किया।